Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जरर गांव में एक महिला की धार्मिक आस्था इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। नवरात्र के दौरान महिला अपने सीने पर जवारा बोकर जमीन पर लेटी हुई है और मां दुर्गा की आराधना कर रही है। दावा है कि महिला पिछले नौ दिनों से बिना भोजन और पानी के रहकर यह साधना कर रही है। उसे देखने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। बेटे की बीमारी के बाद लिया था संकल्प महिला के मुताबिक, उसका बेटा गंभीर रूप से बीमार पड़ गया था। परिवार इलाज के लिए डॉक्टरों के पास गया, लेकिन स्थिति को लेकर निराशा जताई गई। ऐसे मुश्किल समय में महिला ने मां दुर्गा से बेटे के स्वस्थ होने की प्रार्थना की और एक कठिन धार्मिक संकल्प लिया। महिला का कहना है कि इसके बाद उसके बेटे की तबीयत ठीक हो गई। इसी मान्यता के चलते वह नवरात्र में अपनी साधना कर रही है। नवरात्र से पहले ही छोड़ दिया था भोजन महिला के अनुसार, उसने नवरात्र शुरू होने से करीब दस दिन पहले ही भोजन करना बंद कर दिया था। वहीं, व्रत शुरू होने से दो-तीन दिन पहले पानी पीना भी छोड़ दिया। इसके बाद से वह जमीन पर लेटकर सीने पर जवारा रखे हुए देवी की आराधना कर रही है। दर्शन के लिए जुट रहे ग्रामीण महिला की साधना की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उसे देखने पहुंच रहे हैं। परिवार के सदस्य भी उसके साथ मौजूद हैं और उसका सहयोग कर रहे हैं। पूरे इलाके में महिला की आस्था को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, कई दिनों तक भोजन और पानी के बिना रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। महिला की स्थिति को लेकर चिकित्सकीय जांच और निगरानी जरूरी है। रिपोर्ट - अभिषेक शुक्ला ये भी पढ़ें: न सिर पर छत, न पेट में दाना… बारिश ने छीना आशियाना! DM से गुहार लगाने पहुंचे ग्रामीण